
eSIMs in India get go-ahead from DoT





मुझे शक है कि भूलने लगा हूँ खुद ही को मैं,
शर्त लेकिन ये थी कि मुझे बहुत कुछ याद रखना है।
साँसे चले …समय गुजरता रहे बस …..
क्या यही है ज़िंदगी?
ना मक़सद …. ना ख़्वाब ……
हसीन तोहफ़ा है यह ज़िंदगी.
थोड़ी तमन्ना, अभिलाषा, लालसा
लक्ष्य…. मकसद मिला कर
गुनगुनाइये…..
राहें खुलती जायेंगीं।
ख़ामोशी से बनाते रहो,
पहचान अपनी .
हवायें ख़ुद तुम्हारा
नाम गुनगुनाएँगीं .

Unknown
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