पुराने सामानों के बीच बैठ
यादों में सब ज़िंदा रखने की …..
बीते पलों को ज़बरदस्ती
वर्तमान में लाने की ……
कोशिश
वर्तमान और भविष्य को भी,
पुराने दर्द से भर देती है .
यादों- एहसासों से ,
भरे होने के एहसास
से अच्छा है –
सब धूम्र ग़ुबार में विलीन कर देना…….
आकाश में उठते धुएँ
के साथ सूनी पसरी पीड़ा
शून्य में शून्य होते देखना …….

app sach mai bohot acha likhti hai…I love all poems written by you…
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Tumhari mithi si taarif mere liye anmool hai . Prashansaa aur itna sare likes ke liye aabhaar Ananta.
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