दिलों दिमाग़ का बोझ
जब तन तक उतर आए …..
जिस्म को उदास , मायूस बीमार बनाए .
तब ज़रूरी है इसे ऊतार फेंकना.
वरना तन और मन दोनो
व्यथा …दर्द में डूब जाएँगे .

दिलों दिमाग़ का बोझ
जब तन तक उतर आए …..
जिस्म को उदास , मायूस बीमार बनाए .
तब ज़रूरी है इसे ऊतार फेंकना.
वरना तन और मन दोनो
व्यथा …दर्द में डूब जाएँगे .

Hi
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Hello
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Kaise ho aap…
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Sahi hai
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