
Tribute: On my father’s death anniversary (Geeta Jayanti / Mokshada Ekadashi)


India -14 November

D
जब भी अपने दिल को छूआ….महसूस किया ….टटोला
ख्वाबों जैसे, कई रंग छलक कर बिखर गये
दर्द, खमोशी , खुशियाँ भरे !!
नम आँखों से उसे सहला कर
धङकनों के साथ वहीं वापस
रख दिया।
श्रद्धांजली
नमन पिता को !!!!!
21.12.2015
NEWS – Gauri Lankesh: Indian journalist shot dead in Bangalore
FREEDOM OF SPEECH AND EXPRESSION – Article 19
गौर करें
इतना साहसी ( कायर)…
इतना शक्तिशाली ( कमजोर)…..
वह कौन है?
जिसे नियमों -कानूनों का
भय नहीं ?
पर भय है एक महिला के कलम से ।
क्या महिलायें कमजोर हैं ?
या गलत लोगों में कमजोर होने का भय पैदा कर सकती हैं?
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