ना जाने कितने शब्द अौर विचार
जेहन में आते जाते रहते हैं ।
कुछ को पन्नों पर ऊतार दिया
अौर कुछ खो जाते है।
सोते या अर्ध निंद्रा में भी
कई विचार अाते जाते रहते है।
पकङ लिया तो अपने हैं
वरना सपने हैं।
ना जाने कितने शब्द अौर विचार
जेहन में आते जाते रहते हैं ।
कुछ को पन्नों पर ऊतार दिया
अौर कुछ खो जाते है।
सोते या अर्ध निंद्रा में भी
कई विचार अाते जाते रहते है।
पकङ लिया तो अपने हैं
वरना सपने हैं।
बिन मोल के ये अक्षर अौर शब्द तब अनमोल हो जाते हैं,
जब
उन के भूलभुलैया में उलझ कर,
उन से बनी हुई कविताअों,
के शब्दों का
जादू
दिल छू जायें !!!
जेहन में उमङते-घुमङते विचार,
पन्नों पर शब्दों का जाल बना लिख ङालो,
तब
कविता बन जाती है………..
वरना,
ये उङ जाते हैं,
रंग-बिरंगी तितलियोँ की तरह।
शायद …. किसी अौर फूल पर !!!!
The beauty you see in others, Is a reflection of you!!!
मन में उमड़ते-घुमड़ते कविता को,
जब पन्नों पर उतारना चाहा ।
शब्दों के माया जाल ने उलझा लिया।
ढूंढते-ढूंढते जब शब्द हाथ लगे।
तब तक कविता न जाने कहां खो गई थी।
कुछ पंक्तियां जो याद रह गईं हैं वे यहां है –
आप दूसरों में जो सुंदरता देखते हैं,
वह आप का हीं प्रतिबिंब अौर अक्स है !!!!!!
Image from internet.