गुज़र जाते हैं खूबसूरत लम्हें ,
यूँ ही मुसाफिरों की तरह .
यादें वहीं खडी रह जाती हैं ,
रूके रास्तों की तरह .

Unknown
गुज़र जाते हैं खूबसूरत लम्हें ,
यूँ ही मुसाफिरों की तरह .
यादें वहीं खडी रह जाती हैं ,
रूके रास्तों की तरह .

Unknown
जिंदगी की
यादें भी बङी बेवफा होतीं हैं,
जिन लम्हों पर कोई हक़ नहीं होता,
उन्हें हीं हक़ से याद करते रहतीं हैं,
जीवन के हर लम्हों में उन्हें
अपनेपन से
शामिल करते रहतीं हैं।