बरसात की झड़ी
बादलों का गरजना ,
बरसती बूँदों की झड़ी
से प्यार हो जाता हैं ,
जब नीले आसमान में
छिटके इंद्रधनुष की सतरंगी
छँटा खिड़की तक उतर आती हैं.
धनक दिल और धड़कनों को अपने रंग में रंग जाती है.

बरसात की झड़ी
बादलों का गरजना ,
बरसती बूँदों की झड़ी
से प्यार हो जाता हैं ,
जब नीले आसमान में
छिटके इंद्रधनुष की सतरंगी
छँटा खिड़की तक उतर आती हैं.
धनक दिल और धड़कनों को अपने रंग में रंग जाती है.

सुबह का ऊगता सूरज,
नीलम से नीले आकाश में,
लगता है जैसे गहरे लाल रंग का माणिक…..रुबी…. हो,
अंगूठी में जङे नगीने की तरह।
दूसरे पहर में विषमकोण में कटे हीरे
की तरह आँखों को चौंधियाने लगता है ।
सफेद मोती से दमकते चाँद के आगमन की आगाज़ से
शाम, पश्चिम में अस्त होता रवि रंग बदल फिर
पोखराज – मूंगे के पीले-नारंगी आभा से
रंग देता है सारा आकाश।
रंग बदलते सूरज
की रंगीन रश्मियाँ धरा को चूमती
पन्ने सी हरियाली से
समृद्ध करती हैं…
image courtesy google.
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