
Happy Diwali to all of you !!!

Happy Diwali to all of you !!!
छोटी दिवाली को काली चतुर्दशी या नरक चतुर्दशी भी कहते हैं। इस दिन मृत्यु के देवता यम के लिए दीपक जलाते हैं। सोने से पहले, देर रात घर से बाहर सरसों तेल का एक पुराना दीप या आटें का दीप यम की अर्पित करते हुए जलाया जाता है। ताकि अकाल मृत्यु और परेशनियाँ घर के बाहर रहें। कहते हैं, इस इस दीप को जला कर लौटे समय पलट कर नहीं देखना चाहिए।


आज छोटी दिवाली है। जिसे नरक चतुर्दशी या रूप चौदस भी कहते हैं। सौंदर्य हासिल करने के लिए दिवाली से एक दिन पहले, रूप चतुर्दशी मनाया जाता है। इस दिन ख़ुशबूदार तेल और उबटन लगाकर स्नान करना शुभ माना जाता है।
किसी ने पूछा –
दिवाली में दीये तो जला सकतें हैं ना?
ग्लोबल वार्मिंग की गरमाहट
तो नहीं बढ़ जायेगी……
नन्हा दीया हँस पङा।
अपने दोस्तों को देख बोला –
देखो इन्हें जरा…..
सारी कायनात अपनी गलतियों से जलाने वाले
हमारी बातें कर रहें हैं।
जैसे सारी गलती हमारी है।
जी लो ज़िंदगी, जैसी सामने आती है.
सबक़ लो उस से …..
क्योंकि ज़िंदगी कभी वायदे नहीं करती.
इसलिए उससे शिकायतें बेकार है.
और जिन बातों को हम बदल नहीं सकते.
उनके लिए अपने आप से शिकायतें बेकार है.
छोटी-छोटी खुशियां हीं बड़ी खुशियों में बदल जाती हैं
जैसे छोटी दिवाली….से बड़ी दिवाली ।

दिवाली के जलते दियों को
देख कर समझ आया
जलना कितना मुश्किल होता है।
लेकिन दीप की तरह जलनेवाले
रौशनी बिखेर सकते हैं।
यह भी समझ आया।
किसी ने पूछा –
दिवाली में दीये तो जला सकतें हैं ना?
ग्लोबल वार्मिंग की गरमाहट
तो नहीं बढ़ जायेगी……
नन्हा दीया हँस पङा।
अपने दोस्तों को देख बोला –
देखो इन्हें जरा…..
सारी कायनात अपनी गलतियों से जलाने वाले
हमारी बातें कर रहें हैं।
जैसे सारी गलती हमारी है।
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