If a drop of water falls in a lake,
there is no identity.
But if it falls on a leaf it shines.
So choose the best place
where your ability shines
.Our destiny is not created
by the shoes we wear,
But by the steps take.
BUDDHA 🌈
forwarded as received

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किसी ने कहा –
अजीब हो तुम
प्यार हैं – कृष्णा से , बुद्ध से और रूमी से भी ?
ज़रा भी इल्म नहीं हैं, /समझ नहीं हैं ?
अपनी ग़लतियों की ?
उम्रे दराज – चार दिन की हैं जिंदगानी.
/ चार दिन की हैं जिंदगी .
किसी एक पर ध्यान लगाओ ,
तुम्हें इतना सिखाना क्यों काम ना आया ?
इतनी नासमझी किस काम की ?
जवाब दिया –
बिन पूर्वाग्रह के कभी सच्चे मन से पढ़ कर देखो तो इन्हें .
जो जिंदगी की मुसलसल……सिलसिलेवार,
बहती धारा को कोई दिशा दे
मन को शीतलता दे ,
विचारों को सोच की चिंगारीं दे.
वह कबीर हो या साईं…..
कृष्णा, बुद्ध या रूमी
मस्तक तो अपने आप हीं झुक जाएगा.

जिनकी पुकार ,
मदद की गुहार
अनसुनी की जाती है .
उसे अपनी बातें दोहराने
की आदत पड़ जाती हैं.
फिर कहने वाले बड़े मज़े से कह देते हैं –
इन्हें तो पुरानी बातें दोहरने की आदत हैं.


विडम्बना
जिस चित्रकूट घाट पर तुलसीदास बैठा करते,
सती अनुसुइयाऋषि अत्रि की थी तपो भूमि ,
राम, लक्ष्मण सीता के वनवास की पावन भूमि .
उसे भी अपावन कर दिया कलयुग में.
क्या दोषी सज़ा पाएँगे या हमेशा की तरह …..
शान से घुमते नज़र आएँगे ?
जब मालूम हैं
संसार में जो कुछ भी मिला है ,
यहीं, पीछे रह जाएगा.
फिर क्यों इतना अहंकार ?
इतना पाने खोने की हैं दौड़ ?

पुरानी राहों पर निगाहें दौड़ने पर
खोए हुए लाल गुलाब की पंखुड़ियाँ
यहाँ वहाँ सूखी बिखरीं दिखीं.
उम्रदराज़ यादों को संजोना
क्या नीलकंठ बना देगा ?
या कलेजा जला देगा ?

नीलकंठ –

जिसे बचाने ख़ुद सोई ,
जागी उसी की आवाज से .
ऐसी होती हैं दिल से दिल की आवाज़
ममता कहो या कहो चमत्कार .
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