पितृपक्ष

कहते हैं, अंगूठे से पितृ-तीर्थ अर्पित जल
पितरों को तृप्ति और शांति देगा,
नैऋत्य कोण व पीपल तले, तैलदीप
उनका मार्ग प्रकाशित-प्रशस्त करेगा।

यह उन पहुँचा या नहीं,
यह बताने वाला कोई नहीं,
पर यह अद्भुत, ख़ूबसूरत परंपरा आध्यात्म,
विज्ञान या मनोविज्ञान जो भी है,
रूह और दिल को सुकून ज़रूर देती है।
ॐ पितृदेवाय नमः!!

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