नीले पड़े होंठ


ज़माने और लोगों की

दिल जलाने वाली बातों से बेज़ार

औ दर्द से बेचैन , नीले पड़े होंठों पर

बनावटी मुस्कान के साथ

खड़े होने की हिम्मत कर

पैरों को ज़मीं पर रखा और किरचियाँ चुभीं.

देखा सामने अपने हीं

टूटे दिल के टुकड़े बिखरे थे .

नज़रें उठा बस इतना कहा –

हमारा हौसला ना तोड़ो .

फिर से खड़े होने दो हमें.

ना छेड़ो ज़ख़्मों को ,

बड़ा दर्द होता है .

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