ढेरों बातें और यादें बटोरे
गिले-शिकवे की पोटलियाँ समेटे
इंतज़ार में, राहों में पलके बिछाये बैठे थे …..
उनका आना, नज़रें उठाना और गिराना
सारे ल़फ्ज ….अल्फाज़ चुरा ले गया।
ढेरों बातें और यादें बटोरे
गिले-शिकवे की पोटलियाँ समेटे
इंतज़ार में, राहों में पलके बिछाये बैठे थे …..
उनका आना, नज़रें उठाना और गिराना
सारे ल़फ्ज ….अल्फाज़ चुरा ले गया।
nice words Rekha ji
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Thank you 😊 POONAM.
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kya baat……khubsurat…….
उनका आना, नज़रें उठाना और गिराना
सारे ल़फ्ज ….अल्फाज़ चुरा ले गया…..
aur ham tijori khol lut jaane men khoye rahe…….
kab aaye aur chale gaye pata hi nahi chala.
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😊😊 dhanyvaad Madhusudan.
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Woaaw Rekhaji bhut khubsurat…
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Dhanyvaad Supriya.
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Beautifully written! 👌
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Thank you 😊 Natika.
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You’re welcome! 😊
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👌👌👌👌👌
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Thank you 😊
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