विपत्ति के मित्र

तुलसी साथी विपत्ति के, विद्या विनय विवेक|

साहस सुकृति सुसत्यव्रत, राम भरोसे एक ||

तुलसीदास जी कहते हैं, किसी विपत्ति के समय आपको ये सात गुण बचायेंगे–

आपका ज्ञान या शिक्षा,

आपकी विनम्रता,

आपकी बुद्धि,

आपके भीतर का साहस,

आपके अच्छे कर्म,

सच बोलने की आदत

और ईश्वर में विश्वास .

12 thoughts on “विपत्ति के मित्र

  1. तुलसी दास जी का यह भी कहना है कि

    होइहि सोइ जो राम रचि राखा। को करि तर्क बढ़ावै साखा॥ अस कहि लगे जपन हरिनामा। गईं सती जहँ प्रभु सुखधामा

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      1. हाँ, और अगर विपत्ति आती है तो उसके सामना करने की तैयारी होनी चाहिए .

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