मैं ख़ुद आईना

आईने ने पूछा –

क्यों लिए फिरती हो मुझे साथ?

मैंने कहा –

यक़ीं है, कड़वे लोगों को बेहतरीन

ज़वाब दे ऊपरवाला थामे रहेगा मेरा हाथ।

पर भूल से भी अहंकार में ना डूब जाऊँ,

आईने में खुद को देख नज़रें झुकाऊँ,

इस कोशिश में कि मैं ख़ुद आईना बन जाऊँ।

अपने से अपनी होड़ लगाऊँ।

Interesting fact –
Stay true to yourself. As what brings

you a sense of happiness, purpose

and meaning in life is important.

मंज़िल

सागर के इश्क़ में नदियाँ छोड़ आईं

पहाड़ों, हिम और हिमनदों को।

बहती नदियों को बस मालूम है इतना,

उनकी मंज़िल है,

साग़र के आग़ोश में।

क्या पता है इन्हें इनकी मंज़िल ….

…..सागर खारा मिलेगा?

मौन माफ़ी

मौन रह कर

माफ़ कर देना,

मौन रह कर

जीवन पथ पर बढ़ जाना

सबके बस की बात नहीं।

यह होता है तब

ऊपरवाले पर भरोसा हो जब।

अलफ़ाज़ बेमानी हो जाते हैं तब।

सूखते गुलाबों में

सूखते गुलाबों में भी अक्सर

जानी पहचानी ख़ुशबू मिलती है।

पुरानी किताबों में भी अक्सर

अजीब से ख़ुशबू मिलती है।

पुरानी किताबों में मिले सूखे गुलाब,

की मिलाजुली ख़ुशबू

ले जाती हैं यादों के भँवर में।

बीते दिनों के समुंदर में।

#TopicByYourQuote

ख़ुशी की तलाश

कुछ लोग दिखतें हैं हमेशा ख़ुश।

ज़रूरी नहीं वो हों भी ख़ुश।

दरअसल वो सीख लेते है रहना ख़ुश।

वरना किसे ज़िंदगी रुलाती नहीं?

कुछ धोखे, कुछ अपने सताते नहीं?

जिये हँस कर या रो कर,

यह अपनी फ़ितरत है।

सुख-दुख के लम्हे आते हैं और

गुज़र जाते हैं।

तमाम उम्र यूँ हीं ख़ुशी की तलाश में

गुज़र जाती है।

सोंच विचार है ज़रूरी

सोंच विचार है ज़रूरी ।
क्यों बार-बार माफ़ करते हैं
दर्द देने वालों को?
खोने के डर से?
किसी को पाने की कोशिश में?
तब ज़िंदगी में दर्द और तकलीफ़ मिलेगी

और खोना होगा अपने आप को।
कठिन है लोगों को बदला।
आसान है आसपास के लोगों को बदलना।

Psychological fact – Human wants

bond for love and support. Sometimes

we bond with people who are mentally

and/or physically not good for us/ abuse us.

Trauma bond is bad for our mental health.

फिर याद आए वो

फिर याद आए वो,

तो ग़मगीन हो जाते हो।

चाह कर भी भूल ना पाए

तो ग़मगीन हो जाते हो।

कभी दुआओं में किसी को माँगते हो।
कभी उसे हीं भूलने की दुआएँ माँगतें हो।

झाँसी की रानी – लक्ष्मी बाई

चमक उठी सन् सत्तावन में वह तलवार पुरानी थी।

बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी।

ख़ूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।

सुभद्राकुमारी चौहान

Lakshmi Bai / Laxmi Bai, birth date

November 19, 1835, Kashi, India.

इश्क़ है जागती रातें

इश्क़ है जागती रातें, उनींदी आँखें, गुनगुनाते गीत।

मुहब्बत है ख़्वाब, सितारे, चिराग़, चाँद

अँधेरी रातें, अधूरा चाँद, अधूरे किस्से।

इस इश्क़ को हीं कहते हैं बंदगी।

हम तो जी रहे हैं यही ज़िन्दगी।

तुम एक बार में लगे टूटने?

हँस कर पूछा चाँद ने।

रात के आख़री किनारे पर

इक तन्हा चराग़, कमजोर पड़ते लौ से

निशा के गहरे अँधेरे से लड़ता थक सा गया।

रात के आख़री किनारे पर

टिमटिमाते चराग़ के कानों में,

सहर का सितारा बोल पड़ा –

हौसला रख, सुबह के दीप।

कुछ हीं पल में अँधेरा जाने वाला है।

रौशन जहाँ करने,

आफ़ताब आने हीं वाला है,