साथ अौर गुलाबी डूबती शाम

गुलाबी डूबती शाम.

थोड़ी गरमाहट लिए हवा में

सागर के खारेपन की ख़ुशबू.

सुनहरे पलों की ….

यादों की आती-जाती लहरें.

नीले, उफनते सागर का किनारा.

ललाट पर उभर आए नमकीन पसीने की बूँदें.

आँखों से रिस आए खारे आँसू और

चेहरे पर सर पटकती लहरों के नमकीन छींटे.

सब नमकीन क्यों?

पहले जब हम यहाँ साथ आए थे.

तब हो ऐसा नहीं लगा था .

क्या दिल ग़मगिन होने पर सब

नमकीन…..खारा सा लगता है?

सुनहरे रेत में, सोने में ढलते सपने

News – Saudi Arabia’s proposed $500 billion mega-city

 

जहाँ चारो अोर रेत का  समंदर है,

वे भी बिना ङरे सबसे आगे जाने ,

नये हौसले दिखाने का साहस कर रहें हैं,

फिर हम तो सामर्थवान हैं।

युवा शक्ति अौर योग गुरु हैं।

बस सुनहरे सपने देखने अौर

उसे पूरा करने के हौसले की  हीं तो जरुरत है।