बेख़ुदी में

क़बूल भी नहीं कर सकते और इनकार भी नहीं कर सकते……

सचमुच देखा था तुम्हें क़रीब अपने.

हाथ भी बढ़ाया छूने के लिए.

तभी नींद खुल गईं और देखा बाहें शून्य में फैलीं हैं.

शायद सपने में घड़ी की सुईयों को पीछे घुमाते चले गए थे.

शायद बेख़ुदी में तुमको पुकारे चले गए थे.

 

Image- Aneesh

Edgar Cayce

एडगर कैस ने आध्यात्मिक हीलिंग, पुनर्जन्म, स्वप्न, आफ्टरलाइव, और भविष्य की घटनाओं के रूप में विभिन्न विषयों पर काफी हद तक सही भविष्यवाणियाँ की अौर सवालों के जवाब दिए। केयस दावा करते थे कि ये जानकारियाँ उनका अवचेतन मन, नींद व सपने के दौरान देता है। एडगर के बारे में 300 से अधिक पुस्तकें लिखी गई हैं। उन्हें स्लीपिंग पैगंबर का उपनाम भी दिया। यह इस बात का प्रमाण है कि हमारा अवचेतन मन बेहद शक्तिशाली है।

Edgar Cayce was an American self-professed clairvoyant who answered questions on subjects as varied as healing, reincarnation, dreams, the afterlife, Atlantis, and future events while in a self-induced sleep state. Cayce claimed his subconscious mind would explore the dream realm where all subconscious minds are timelessly connected. He is the most documented psychic of all time, with more than 300 books written about him and his material. A nonprofit organization, the Association for Research and Enlightenment,  was founded to store and facilitate the study of the Cayce material. A biographer gave him the nickname The Sleeping Prophet.

courtesy – wikipedia

आँखें ख़्वाब, औ सपने बुनतीं हैं….

आँखें ख़्वाब, औ सपने बुनतीं हैं,

हम सब बुनते रहते हैं,

ख़ुशियों भरी ज़िंदगी के अरमान।

हमारी तरह हीं बुनकर पंछी तिनके बुन आशियाना बना,

अपना शहर बसा लेता है.

बहती बयार और समय इन्हें बिखेर देते हैं,

यह  बताने के लिये कि… 

 नश्वर है जीवन यह।

मुसाफिर की तरह चलो। 

यहाँ सिर्फ रह जाते हैं शब्द अौर विचार। 

वे कभी मृत नहीं होते।

जैसे एक बुनकर – कबीर के बुने जीवन के अनश्वर गूढ़ संदेश। 

 

 

बुनकर पंछी- Weaver Bird.

सुनहरे रेत में, सोने में ढलते सपने

News – Saudi Arabia’s proposed $500 billion mega-city

 

जहाँ चारो अोर रेत का  समंदर है,

वे भी बिना ङरे सबसे आगे जाने ,

नये हौसले दिखाने का साहस कर रहें हैं,

फिर हम तो सामर्थवान हैं।

युवा शक्ति अौर योग गुरु हैं।

बस सुनहरे सपने देखने अौर

उसे पूरा करने के हौसले की  हीं तो जरुरत है।

 

शब्द, विचार अौर सपने

ना जाने कितने शब्द अौर विचार 

जेहन में आते जाते रहते हैं ।

कुछ को पन्नों पर ऊतार  दिया

अौर कुछ खो जाते है।

 सोते या अर्ध निंद्रा में  भी

कई विचार अाते जाते रहते है।

पकङ लिया तो अपने हैं

वरना सपने हैं। 

जिंदगी के रंग – 20

कङवी या मीठी-मृदु,

सबकी जिंदगी है एक कहानी।

कुछ हँसाती, कुछ रुलाती,

                                                                                    रसीली या निरस

जहाँ

अपनों को अपना बनाये रखने की कोशिश में

पराये  तो अपने हो जाते हैं,

पर कुछ अपने अौर कुछ सपने हीं खो जाते हैं।

मुकम्मल जहाँ

 

सपने, कविता ,ग़ज़ल, शायरी में तो जमीं आसमां अौ सारे जहाँ मिल जाते हैं..

पर उनसे बाहर निकलो , तब मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता ।

सपने -कविता Dream

Where there is pain, the cure will come.
~ Rumi

जब छोटी थी, बङे-बङे सपने देखा करती, 

अब पहले की छोटी-छोटी बातें याद आती हैं।

खुशियों अौ गम के  खेल में यह समझ आया,

ये सब आती -जाती रहती है

 अौर

 कोई ना कोई सबक दे कर जाती हैं। 

 

खंजन नयनों के सपने- कविता Dreams

Dreams are not those which come while we are sleeping, but dreams are those when you don’t sleep before fulfilling them.

सपने वे नहीं हैं जो हमें सोते समय आते हैं,  सपने वे हैं, जिन्हें आप  पूरा करने से पहले सोते नहीं हैं।
– ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (A.P.J. Abdul Kalam)

उसके खूबसूरत खंजन नैन,

सफेद आंखों की काली पुतलियां नाचती रहती,

शायह जागती आँखो  से सपने देखती,

 कामना है!!!

उसके  सुनहरे  रूपहल हर ख़्वाब

पूरे हो

जो भी सपने नाचते हैं उसके

चंचल चितवन में……

 

 

खंजन-  एक काले सफेद पंखों वाला खुबसूरत, चंचल पक्षी,  जिसकी उपमा चंचल नेत्रों के लिए भी दी जाती है।

खंजन-  Robin Magpie, A beautiful,  bird with  black-white wings.

khanjan 1

 

 

मोबाईल फोन छुट्टी दिवस -व्यंग (Holiday for mobile phone -satire) #1

 

मैंने जागते के साथ बंद आँखों से अपने मोबाइल फोन की ओर हाथ बढ़ाया. हाथों में चुभन हुई. मेरी आँखें अपने आप खुल गई. आश्चर्य से देखा. मेरा मोबाइल गुस्से भरी लाल आँखों से मुझे देख रहा हैं. उसके शरीर पर काटें और सिर पर दो सींग उग आये हैं. उसके हाथों में एक बोर्ड हैं. जिस पर लिखा हैं -आज मेरा छुट्टी दिवस है.

उसने मुझे बड़ी बेरुखी से देखा और पूछा – मेरा रविवार कब हैं ? मुझे भी सप्ताह में एक दिन की छुट्टी चहिये.फिर वह अपने आप ही बुदबुदाने लगा -ना रात देखते , ना दिन. बस काम , काम और काम. मेरी ओर देख कर जोर से बोला -काम की अधिकता से मुझे बर्न आऊट सिंड्रोम हो गया हैं और उसकी सारी बत्तियां बुझ गई.

बिना मोबाईल मुझे दुनियाँ अंधकारमय लगने लगा. माथे पर पसीने की बूँदें छलक गई. अब क्या होगा ? सारी बातें तो इसी मोबाईल रूपी काले डब्बे में बंद हैं. मैं मोबाईल उठा पागलों की तरह चुभन के बाद भी बटन दबाने लगा और चिल्लाने लगा -तुम ऐसा नहीँ कर सकते हो.

तभी किसी ने कहा -नींद में इतना शोर क्यों मचा रहे हो ? मैं भयानक सपने से जाग गया. ख़याल आया बात तो सही हैं. एक दिन फोन को , और हमें फोन से एक दिन की छुट्टी ले कर देखनी चाहिये.

Source: मोबाईल फोन छुट्टी दिवस -व्यंग (Holiday for mobile phone  -satire) #1