ज़िंदगी के रंग- 199

ज़िंदगी की परेशान घड़ियों में अचानक

किसी की बेहद सरल और सुलझी बातें

गहरी समझ और सुकून दे जातीं हैं, मलहम की तरह।

किसी ने हमसे कहा – किसी से कुछ ना कहो, किसी की ना सुनो !

दिल से निकलने वाली बातें सुनो,

और अपने दिल की करो।

गौर से सुना,  पाया……

दिल के धड़कन की संगीत सबसे मधुर अौर सच्ची है।

 

बंधन

 

कभी कहीं सुना था –
किसी को बंधनों में बाँधने से अच्छा है, आज़ाद छोङ देना।
अगर अपने हैं ,
अपने आप वापस लौट आएगें।

एक सच्ची बात अौर है –
अगर लौट कर ना आयें, तब भी गम ना करना।
क्योंकि
जगह तो बना कर जा रहें है,
शायद किसी ज्यादा अपने के लिये………..