औरन को शीतल करे, Like a cool breeze in summer

ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोय |

औरन को शीतल करे, आपहु शीतल होय ||

 

ऐसी भाषा बोलें जिससे आपके मन का गर्व घमंड दूर हो । इस से
सुनने वाले  निर्मल और शीतल होंगे और आप भी शीतल और पवित्र होगें।

 

Speak in words so sweet, that fill the heart with joy
Like a cool breeze in summer, for others and self to enjoy

 

~~~Kabir

जीवन के रंग – 36

शीतल हवा का झोंका बहता चला गया।

पेङो फूलों को सहलाता सभी को गले लगाता ……

हँस कर जंगल के फूलों ने कहा –

वाह !! क्या आजाद….खुशमिजाज….. जिंदगी है तुम्हारी।

पवन ने मुस्कुरा कर कहा –

क्या कभी हमें दरख्तों-ङालों,  खिङकियों-दरवाज़ों पर सर पटकते….

गुस्से मे तुफान बनते नहीं देता है?

हम सब एक सा जीवन जीते हैं।

गुस्सा- गुबार, हँसना-रोना , सुख-दुख,आशा-निराशा

यह सब तो हम सब के

रोज़ के जीवन का हिस्सा है!!!