Stay Happy, Healthy and safe – 39

शांति या पवमान मंत्र, Shanti or Pavamana Mantra

Sanskrit transcript:

ॐ असतो मा सद्गमय ।

तमसो मा ज्योतिर्गमय ।

मृत्योर्मा अमृतं गमय ।

ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

Transliteration:

oṃ asato mā sadgamaya ।

tamaso mā jyotirgamaya ।

mṛtyormā amṛtaṃ gamaya ।

oṃ śāntiḥ śāntiḥ śāntiḥ ॥

Hindi translation: परमात्मा, हमें असत्य से सत्य की ओर ले चलो, अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो, मृत्यु से अमरता की ओर ले चलो । ॐ, शांति (मुझ में), शांति (प्रकृति में), शांति (दैवीय शक्तियों में)॥

English translation: O Lord, Lead us from the unreal to the real, Lead us from darkness to light, Lead us from death to immortality, Om! peace, peace, peace!

चिड़ियों की मीटिंग

अहले सुबह नींद खुली मीठी, गूँजती आवाज़ों से.

देखा बाहर परिंदों की सभा है.

शोर मचाते-बतियाते किसी गम्भीर मुद्दे पर, सभी चिंतित थे

– इन इंसानों को हुआ क्या है?

बड़े शांत हैं? नज़र भी नहीं आते?

कहीं यह तूफ़ान के पहले की शांति तो नहीं?

हाल में पिंजरे से आज़ाद हुए हरियल मिट्ठु तोते ने कहा –

ये सब अपने बनाए कंकरीट के पिंजरों में क़ैद है.

शायद हमारी बद्दुआओं का असर है.

ज़िंदगी के रंग – 198

दुनिया में सुख हीं सुख हो,

सिर्फ़ शांति हीं शांति और ख़ुशियाँ हो.

ऐसा ख़ुशियों का जहाँ ना खोजो.

वरना भटकते रह जाओगे.

जीवन और संसार ऐसा नहीं.

कष्ट, कोलाहल, कठिनाइयों से सीख,

शांत रह कर जीना हीं ख़ुशियों भरा जीवन है……

जीवन जी कर, जीवन का अर्थ जाना !

जीवन जी कर,

जीवन का अर्थ मिला.

पुरस्कार या पैसे जीवन

जीने के लिए ज़रूरी हो सकता है.

लेकिन मन की शांति के लिए

अपनापन,सहानुभूति पूर्ण व्यवहार

और मधुर रिश्ते मायने रखते हैं.

शुभ देव दिवाली – कार्तिक पूर्णिमा

शुभ कार्तिक पूर्णिमा !!

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कार्तिक पूर्णिमा को देवताओं की दिवाली या देव दिवाली कहा जाता है. कार्तिक पूर्णिमा का  त्योहार दीपावली के 15 दिन बाद मनाया जाता है. इस दिन माता गंगा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. इस दिन काशी  के सभी गंगा घाटों को दीयों की रोशनी से  रौशन किया जाता है और कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दिवाली का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है.

कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरी पूर्णिमा या गंगा स्नान के नाम से भी जाना जाता है। क्योंकि आज के दिन ही भगवान भोलेनाथ ने त्रिपुरासुर नामक महाभयानक असुर का अंत किया था और वे त्रिपुरारी के रूप में पूजित हुए थे।

महाभारत के विनाशकारी युद्ध के बाद आज के दिन पांडवों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए स्नान कर दीपदान करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की थी.

सिख सम्प्रदाय में कार्तिक पूर्णिमा का दिन प्रकाशोत्सव के रूप में मनाया जाता है। क्योंकि इस दिन सिख सम्प्रदाय के संस्थापक गुरू नानक देव का जन्म हुआ था।

कहते है, कार्तिक पूर्णिमा को गोलोक के रासमण्डल में श्री कृष्ण ने श्री राधा का पूजन किया था।

मान्यता है कि, कार्तिक पूर्णिमा को ही देवी तुलसी ने पृथ्वी पर जन्म ग्रहण किया था।

 

Image courtesy- Aneesh

महाकाल

एक दिन देखा शिव का चिता, भस्मपूजन उज्जैन महाकाल में बंद आंखों से ।

समझ नहीं आया इतना डर क्यों वहां से जहां से यह भभूत आता हैं।

कहते हैं, श्मशान से चिता भस्म लाने की परम्परा थी।

पूरी सृष्टि इसी राख  में परिवर्तित होनी है एक दिन।

एक दिन यह संपूर्ण सृष्टि शिवजी में विलीन होनी है।

वहीं अंत है, जहां शिव बसते हैं।

शायद यही याद दिलाने के लिए शिव सदैव सृष्टि सार,

इसी भस्म को धारण किए रहते हैं।

फिर इस ख़ाक … राख के उद्गम, श्मशान से इतना भय क्यों?

कोलाहल भरी जिंदगी से ज्यादा चैन और शांति तो वहां है।

 

 

भस्मपूजन उज्जैन महाकाल में बंद आंखों से – वहाँ उपस्थित होने पर भी यह  पूजन देखा महिलाओं के लिए वर्जित है.

लफ़्ज़ों की बहती पंक्तियाँ

मन में उठते

शोर और कोलाहल ,

हलचल , उफान ,लहरें , ज्वार भाटे

को शब्दों……

लफ़्ज़ों की बहती पंक्तियों में

पन्ने पर उतारने पर

ना आवाज़ होती है

ना शोर और

मन भी काव्य की

अपूर्व शांति में डूब जाता है …….

 

 

 

Picture Courtsey: Zatoichi.