नज़रिया

उन्मुक्त हवा-बयार बंधन में नहीं बँध सकती है।

दरिया में जहाज़ चलना हो,

तो मस्तूल या पाल को साधना होता है।

ख़ुशियाँ चाहिए तब,

नज़र आती दुनिया को नहीं

अपने नज़रिए को साधना होता है।

 

मेरी कविता संग्रह-किताब के रुप में

“ज़िंदगी के रंग”   my poem book

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इस नाम से, बरसों से मैं कविताएं लिखती आ रही हूँ। मेरे लिये खुशी की बात है कि मुझे अपनी कविताओं को पुस्तक रूप देने का अवसर मिला। इस किताब में मैंने अपनी नई कविताओं के साथ कुछ पुरानी कविताएं भी डाली है। आशा है, आप लोगों को यह कविता संग्रह पसंद आएगी। आप इसे नीचे दिए गए लिंक पर पढ़ सकते हैं और अगर चाहे, अब आप इसे दिए गए पब्लिकेशन लिंक पर ऑर्डर भी कर सकते हैं। अगर आप में से कोई मेरी इस किताब का रिव्यू करना चाहे तो मुझे बताएं। मुझे इससे बड़ी खुशी होगी।

इस पुस्तक के छपने की यात्रा में मदद के लिए आशीष/ शैंकी, रिव्यू लिखने के लिए स्मिता सहाय पुस्तक के कवर पृष्ठों पर तस्वीरों के लिए चांदनी सहाय की तहे दिल से आभारी हूं।

 

 

Click here to read this book.

Link to order the book-https://notionpress.com/read/zindagi-ke-rang

 

 

मुस्कान Curvy cupid smile

Curvy Cupid smile of your  lips

may straighten up many problems of your life……..

होठों पर छाई तीरछी

मुस्कान भरी रेखा

जीवन की ना जाने

कितनी कठिनाइयों – परेशानियों

को सुलझा कर

सीधा कर  सकती हैं।