नीलकंठ

जंग लगी कुंजियों से

रिश्तों के सुप्त तालों को

खोलने की कोशिश में

ना जाने कितने नील गरल

निकलते हैं इस सागर से.

इन नील पड़े चोट के निशान

दिखती नही है दुनिया को,

शिव के नीलकंठ की तरह.

पर पीड़ा….दर्द बहुत देती हैं.

एक खामोश ख्याल

एक खामोश ख्याल आता है दिल में,
हर अोर है शोर,

प्यार- प्रेम करो सबसे।
पर लफ्ज़ों – रिश्तों में बधीं उलझी
प्यार भरी इस जिंदगी
से प्यार करना अौर
प्यार से असली…..

…….शुद्ध प्यार पाना
सरल है क्या ? 

रंग, Happy Holi

एक रंग रिश्तों पर

ऐसा लगाएँ…..

भीगे हर शब्द, पर अर्थ

बहने न पाए……

इंद्रधनुषी रंगों के साथ आप सबों को होली की शुभकामनाएं !!!!!

Happy Holi !!!!!!