बातें, जो बीत गईं !!

कहते हैं जो बीत गई वो बात गई.

उन्हें जाने देना चाहिए !

पर सच तो है कि बहुत सी बीती बातें हीं

ठहर जातीं है बीत जाने पर भी,

जिद्द की तरह !!

बातों का क्या है – कही, अनकही,

कुछ अधूरी, कुछ पूरी. अटकी रहतीं हैं,

घर बना कर ज़ेहन के किसी कोने में.

ज़िन्दगी का हिस्सा बन.

जो बीत गई ,

वो बात रह गई ज़िंदगी का हिस्सा बन कर !!!

Stay happy, healthy and safe – 67

सूफी परंपरा में ईश्वर को हमेशा प्रेमी के रूप में देखा गया है. उसका दरवाजा केवल उन लोगों के लिए ही खुलता है, जो अपने-आप को उसके प्रेम में खो चुके होते हैं.

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ज्यादातर तनाव बातें  ठीक से ना समझने के कारण होते हैं।

शब्दों पर इतना ध्यान न दो।

प्रेम के देश में, भाषा का स्थान नहीं है।

प्यार मौन होता है।। 

 

Most of conflicts and tensions are due to language.

Don’t pay so much attention to the words.

In love’s country, language doesn’t have its place.

Love’s mute.

 

 

 

Shams Tabrizi

फासले भी मायने रखते हैं !!

हमेशा क़रीब होना हीं सही नही।

बहुत क़रीब से देखने पर पूरे दृश्य को नहीं देखा जा सकता है।

वे धुँधली हो जातीं हैं।

परिदृश्य या घटना का हिस्सा बन कर पूरी बातें नहीं समझी जा सकती हैं.

जैसे चित्र में रह कर चित्र देखा नहीं जा सकता.

थोङे फासले भी मायने रखते हैं।

ज़िंदगी के रंग- 199

ज़िंदगी की परेशान घड़ियों में अचानक

किसी की बेहद सरल और सुलझी बातें

गहरी समझ और सुकून दे जातीं हैं, मलहम की तरह।

किसी ने हमसे कहा – किसी से कुछ ना कहो, किसी की ना सुनो !

दिल से निकलने वाली बातें सुनो,

और अपने दिल की करो।

गौर से सुना,  पाया……

दिल के धड़कन की संगीत सबसे मधुर अौर सच्ची है।

 

दोस्ती…मैत्री….

घंटो बातें करो

या फिर बिलकुल बातें ना हो ,

दोस्ती या सम्बन्धों को,

निभाने का यह तरीक़ा

कुछ समझ नहीं आता .

क्या कोई बता सकता है ?

क्यों करते हैं लोग ऐसा ?

नज़रें उठाना और गिराना

ढेरों बातें और यादें बटोरे

गिले-शिकवे की पोटलियाँ समेटे

इंतज़ार में,  राहों में पलके बिछाये बैठे थे …..

उनका आना, नज़रें उठाना और गिराना

सारे ल़फ्ज ….अल्‍फाज़ चुरा ले गया।

शब्द अौर लफ्ज़

दिल से निकले

शब्द, लफ्ज़,  बातें वो  जादू कर सकते हैं,

जो शायद विधाता रचित

सुंदरतम चेहरा नहीं कर सकता।

दिल – कविता

कुछ लोग बड़ी बड़ी 

बातें करते हैं.

पर किसी का “दिल न दुखाना”,

सीखने में बड़ा वक्त 

लगा देते हैं.

और 

जब अपने पर आता हैं ,

तब उन्हें , अपना  दुख ही सबसे 

बड़ा  नज़र आता हैं.

इस लिये , कहते हैं……

किसी का दिल ना दुखाना

 

 

दिल १