चोट का दर्द

कहते हैं चोट का दर्द टीसता है

सर्द मौसम में.

पर सच यह है कि

सर्द मौसम की गुनगुनी धूप,

बरसाती सूरज की लुकाछिपी की गरमाहट

या जेठ की तपती गर्मी ओढ़ने पर भी

कुछ दर्द बेचैन कर जाती हैं.

दर्द को लफ़्ज़ों में ढाल कर

कभी कभी ही राहत मिलती है.

   बच्चों सी  मीठी हँसी 

ढेर सारी मीठी मीठी हँसी

छलक छलक कर बिखर गई।

बरसाती, उफनती  नदी सी बह कर सभी को

अपने साथ गीली करती भिगो गई।

कांटों भरी, संघर्ष शिखर लगते हालातों में

हौसले ,  ताकत, सबक  दे जाती हैं

बच्चों की  यह मासूमियत ।

इसलिये बचपना बचाये रखना !!!!!