नसीहत

ज़िंदगी ने कहा,

ध्यान से पढ़ो मेरा सबक़ ।

ये नसीहत

हमेशा काम आएँगे।

वरना इम्तहान

बार-बार होता रहेगा।

नसीहते

नसीहत नर्म लहजे में

ही अच्छी लगती है,

क्योंकि दस्तक का मक़सद

दरवाज़ा खुलवाना होता है,

तोडना नहीं !!

 

Unknown