आसमान के पन्ने पर !!!

दिनों की गिनती – लॉकङाउन का 50वाँ दिन

जिंदगी के पचास दिन बीत गये….कम हो गये।

बिना कुछ कहे-सुने, चुपके से एक शाम अौर ढल गई।

दिनों की गिनती शायद हीं कभी इतनी शिद्दत से की होगी।

यह भी एक यात्रा है।

मालूम नहीं कितनी लंबी।

कितने सबकों…पाठों के साथ।

 ना शिकवा है ना गिला है।

पर यात्रा जारी है।

आशा भरे  नये दिन, नई सुबह के इंतज़ार के साथ।

 

Image Courtesy- Chandni Sahay

ज़िंदगी के रंग – 197

जीवन के संघर्ष हमें रुलातें हैं ज़रूर,

लेकिन दृढ़ और मज़बूत बनातें हैं.

तट के पत्थरों और रेत पर

सर पटकती लहरें बिखर जातीं हैं ज़रूर.

पर फिर दुगने उत्साह….साहस के साथ

नई ताक़त से फिर वापस आतीं हैं,

नई लहरें बन कर, किनारे पर अपनी छाप छोड़ने.