जान पहचान !

किसी को जानना काफ़ी नहीं होता हैं.

जानना है सचमुच में,

तब अच्छाइयों और कमियों के साथ जानो.

जीवन के मोड़ और ऊतार चढ़ाव में पहचानों.

उसके सुख-दुख जानो।

वरना आईना

भी  जानता-पहचानता है.

रोते देख रोता है

 हँसते देख हँसता है.

पर रहता है दूर, दीवार पर हीं है.

मिट्टी

विचारों के गहरे सागर में अकेले

ङूबते-उतराते  मन में एक ख्याल,

एक प्रश्न आया।

हम सब मिट्टी से उपज़ें हैं,

एक दिन मिट्टी में मिल जायेंगें।

यह जानते हुए भी,

जीवन से मोह इतना गहरा क्यों होते है?

जिंदगी के रंग -207

प्रश्न  बङा कठिन है।

 दार्शनिक भी है, तात्त्विक भी है।

पुराना  है,  शाश्वत-सनातन भी  है।

तन अौर आत्मा या कहो रुह और जिस्म !!

इनका  रिश्ता है  उम्रभर का।

खोज रहें हैं  पायें कैसे?

 दोनों को एक दूसरे से मिलायें कैसे?

कहतें हैं दोनों  साथ  हैं।

फिर भी खोज रहें हैं – मैं शरीर हूँ या आत्मा? 

चिंतन-मनन से गांठें खोलने की कोशिश में,

 अौर उलझने बढ़ जातीं हैं।

मिले उत्तर अौर राहें, तब बताना।

 पूरे जीवन साथ-साथ हैं,

पर क्यों मुश्किल है ढूंढ़ पाना ?

 

 

जिंदगी के रंग -205

जीवन में खुश रहने और  सार्थकता ढूंढने में क्या अंतर हैं? 

क्या दोनों साथ-साथ चल सकतें हैं? 

अर्थपूर्णता…सार्थकता के खोज  में अतीत, वर्तमान और भविष्य शामिल होतें हैं।

इसके लिये सही-गलत सीखना पङता है

 खुशियों  के लिये कोई समय, सही-गलत,  कोई शर्त नही होती।

खुशियाँ अपने अंदर होतौं हैं, किसी से मांगनी नहीं पङती है।

सार्थकता जुड़ा है – कर्तव्य,  नैतिकता से।

सार्थकता और अर्थ  खोजने में कभी-कभी  खुशियाँ  पीछे छूट जाती है।

पर जीवन से संतुष्टि के लिये दोनों जरुरी हैं। 

 

 

 

 

पड़ाव

जब भी कहीं डेरा डालना चाहा.

रुकना चाहा.

ज़िंदगी आ कर कानों में धीरे से कह गई-

यह भी बस एक पड़ाव है…

ठहराव है जीवन यात्रा का.

अभी आगे बढ़ना है,

चलते जाना है. बस चलते जाना है.

 

image courtesy – Aneesh

जिंदगी के रंग -204

जीवन है इसलिए परेशनियाँ हैं.

जीवन का अर्थ है सीखना अौर आगे बढ़ना ।

हम सजीव हैं, इसलिए चुनौतियाँ हैं.

बदलते रहते जीवन की चुनौती है हर पल में हौसला बनाये रखना।

हम हैं, क्योंकि अपनों ने हमें ऐसा बनाया.

अतः जीवन सार है अौरों की मदद करना।

दुःख है, इसलिए ख़ुशियों का मोल है.

जीवन का रहस्य है खुश रहना।

प्यार है इसलिए जीवन का अस्तित्व है.

अतः जीवन का सौंदर्य प्रेम है।

परिवर्तन स्वीकार करें। Don’t resist the changes

दो विचार, दो अलग युग में जिसके अर्थ समान हैं। Two thoughts of two different eras with similar meaning.

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परिवर्तन संसार का नियम है।।

Change is the law of the universe.

गीता, THE GEETA

 

 

 

परिवर्तन स्वीकार करें

जीवन की धारा के साथ चलें, विपरीत नहीं।

 आपको लगता है , जीवन में गलत हो रहा है ?

लेकिन आप कैसे जानते हैं, आपके लिये सही क्या है?

Instead of resisting to changes, surrender.

Let life be with you, not against you.

If you think ‘My life will be upside down’ don’t worry.

How do you know down is not better than upside?

 

– Shams Tabriz ( Rumi’s spiritual Instructor)

जीवन के रंग – 202

जीवन की परीक्षाओं को हँस कर,

चेहरे की मुस्कुराहट के साथ झेलना तो अपनी-अपनी आदत होती है.

जीवन ख़ुशनुमा हो तभी मुस्कुराहट हो,

यह ज़रूरी नहीं.

 

क़ैद – पृथ्वी दिवस पर

अफ़सोस क्यों, अगर आज क़ैद में है ज़िंदगी?

जब आज़ाद थे तब तो विचारा नहीं.

अब तो सोंचने-विचारने का समय मिल गया है.

अगर जीवन चाहिये,

तब धरा और प्रकृति का सम्मान करना होगा.

हमें इसकी ज़रूरत है.

यह तो हमारे बिना भी पूर्ण है.