हम सबसे ज़्यादा अपने हैं !

करो इश्क़ हर साँसों से,

साँसे ज़िंदगी…ताक़त है हमारी।

किसी और के फ़िक्र में ना टूटने दो दिल,

दिल अपना है।

चोट ना लगने दो अपने अंतरात्मा को।

रूह तुम्हारी है,

किसी भीड़ में ना गुम होने दो अपने आप को,

जब टूटने लगो ज़िंदगी में, ठहर कर,

एक गहरी साँस लो और आइने

में निहारो अपने आप को।

याद रखो, हम सबसे ज़्यादा अपने हैं।

क़सूर और सज़ा

कहते हैं त्रुटि कपड़ों में हैं।

पर वे प्राचीन मूर्तियाँ जो मंदिरों में पाषाणों पर

युगों-युगों पहले उकेरी गई सौंदर्यपूर्ण मान।

उन्हें अश्लील या अर्ध नग्न तो नहीं कहते।

आज़ कहते हैं ग़लती लड़कियों की है।

क्या तब लोगों की निगाहें सात्विक थीं

या तब सौंदर्य बोध अलग था।

सुनते है, सब दोष मोबाइल का है।

बौद्ध भिक्षुकों के तप स्थली अजन्ता गुफाओँ में

उकेरे बौद्ध धर्म दृश्य और नारी सौंदर्य शिल्पकारी,

उत्कृष्ट कलात्मकता की है पराकाष्ठा।

हमारी प्राचीन संस्कृति कहती कुछ और है।

और आज कुछ और कहा जाता है।

भूल कहाँ है? गलती किसकी है?

चूक कहाँ हुई? क़सूर किसका?

सज़ा किसे?

गुनाहगार कोई, सज़ा पाए बेगुनाह?

हरसिंगार

भरोसा रख खुद पर,

अपने दिल की आवाज़ों पर।

किसी और को ना समझा,

खुद को समझ और महसूस कर।

हंसी और ख़ुशी आँखों, होंठों और

चेहरे से ऐसे झड़ने लगेगें,

जैसे पारिजात वृक्ष से झड़ते

हरसिंगार के ख़ूबसूरत फूल।

सारी कायनात है उसकी!

वह है हर जगह,

फिर भी जाते हैं मंदिरों में

ताकि उसे महसूस कर सकें।

वह है हमारे अंदर,

फिर भी जपते हैं मंत्र

ताकि उसे हर वक्त याद रख सकें।

कितनी गहरी है ये सीखें।

अफ़सोस ग़लतियाँ करने समय

लोग अक्सर भूल जातें है।

सारी कायनात है उसकी,

कि वह हर वक्त देख रहा है हमें।

Psychological Fact – The process of being watched affects our performance positively. (Hawthorne effect)

सूक्ष्म तरंगें! शुभ योग दिवस!

दुनिया सागर है ऊर्जा और तरंगो का। सृष्टि शुरू हुई कम्पन और तरंगों से। हम सब भी सूक्ष्म तरंगें हैं। जिस घड़ी, जिस पल, जिस दिन, ब्रह्मांड और हमारे कंपन….. फ़्रीक्वेंसी का योग हो जाएगा, हम एकसार हो जाएँगे और ब्रह्मांड के अनमोल राज़ों से रूबरू होने लगेंगे। हमारी तरंगे हैं हमारे विचार, हमारे भाव – सकारात्मक या नकारात्मक। प्रेम भर देगा प्रेममय ऊर्जा, नफ़रत भर देगा नकारात्मकता। ग़र बदल लिया दिल, दिमाग़ रूह की सोंच, ब्रह्मांड के मधुर गीत के साथ एकलय हो जाएँगें।

All things in our universe are constantly in motion, vibrating. Even objects that appear to be stationary are in fact vibrating, oscillating, resonating, at various frequencies.

HAPPY YOGA DAY!!

जीवन सार

तन थके तो आराम चाहिए।

मन थके तो सुकून चाहिए।

“जो होगा अच्छा होगा”

मन के सुकून और शांति के लिए,

यह विश्वास क़ायम रखना है ज़रूरी।

कोशिश से बना सकते है यह यक़ीन।

गीता में छुपा है यह जीवन सार –

जो हुआ अच्छा हुआ।

जो हो रहा है वह अच्छा है।

जो होगा वह भी अच्छा होगा।

पत्थर दिल

ग़र दिल आपका नाज़ुक, कोमल है,

लोगों पर ऐतबार करने वाला है।

तब लाज़िमी है चोटें भी बहुत आएँगी।

दुनिया को रास नहीं आते ऐसे लोग।

दर्द दे हर दिल को अपने जैसा बनाने वाले

ढेरों है ज़माने में।

पत्थर दिलवालों को वहम होता है,

इस ज़माने में सब उन जैसे पत्थर दिल हीं हैं।

वजूद

मेरे वजूद का एक हिस्सा

कहीं पीछे छूट गया है,

बिना क़र्ज़ अदा किए

छोड़ जानेवाले के साथ।

अपने हिस्से की जिम्मदारियों

के क़र्ज़ उतारते उतारते

ज़िंदगी में आगे बढ़ गई हूँ ।

मगर ज़िंदगी का ब्याज

ख़त्म होता नहीं।

Topic by -YourQuote

जंग

जिन्हें जंग चाहिए, उन्हें हासिल होता है,

विनाश देख ख़ुशियाँ और अपने अहं की शांति ।

औरों को हासिल होता है दर्द और रक्तपात।

हम सबों को एक युद्ध…. लङाई… जंग लड़नी होगी ,

सभी लङाईयों को खत्म करने के लिये।

शांती लाने के लिये।

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