जीवन जी कर, जीवन का अर्थ जाना !

जीवन जी कर,

जीवन का अर्थ मिला.

पुरस्कार या पैसे जीवन

जीने के लिए ज़रूरी हो सकता है.

लेकिन मन की शांति के लिए

अपनापन,सहानुभूति पूर्ण व्यवहार

और मधुर रिश्ते मायने रखते हैं.

अन्त:मन

फारसी कवि उमर खय्याम की रूबैयात जीवन की संक्षिप्तता अौर अल्प अस्तित्व को दर्शाता है । कवि के लिए, जीवन एक शाश्वत वर्तमान है, जो अतीत और भविष्य दोनों से परे है।

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इस जीवन के बाद के जीवन के सत्य को जानने की लालसा में

         अपने अदृश्य आत्मा…..अंतरात्मा को टटोला।

                        अन्त:मन से जवाब मिला- 

                                 स्वर्ग-नर्क, जन्नत-दोजख सब यही हैं, हमारे अंदर है

I sent my Soul through the Invisible,
Some letter of that After-life to spell:
And by and by my Soul return’d to me,
And answer’d: ‘I Myself am Heav’n and Hell

 Omar Khayyám ❤

Translation by- Rekha Sahay          

Image courtesy – Aneesh

प्राचीनतम पाठशाला

एक दिन मौका मिला जीवन के

प्राचीनतम पाठशाला से

शाश्वत सत्य का सबक लेने का-

“मैं” को आग में धधकते और भस्म होते देखा ,

महसूस हुआ एक रिश्ता खो गया,

फिर खुद से मुलाकात हुई ।

समझ आया जब जीवन का यह हश्र होना है,

तब मिथ्या मोह, अहंकार, गुमान, गरूर किस काम का?

 

Image courtesy- Aneesh.

 

 

सुनहरी स्मृतियाँ

सुनहरी स्मृतियाँ जीवन से बंधी

हाथ पकड़ साथ साथ चलती है .

खिलते फूलो , महकती ख़ुश्बू सी .

कभी ना जाने कहाँ से अचानक

फुहारों सी बरस जाती हैं और

आँखों को बरसा जातीं हैं.

कभी पतझड़ के सूखी पतियों सी

झड़ने को तत्पर हो खो जाती हैं.

लम्हा लम्हा ख़यालों में…..

दिन निकल गया , रात ढल गई

पर बातें अधूरी रह गईं.

यादें …स्मृतियाँ ….. अधूरी रह गईं.

 

 

पगडंडियाँ

जीवन पथ की पगडंडियाँ ,

कच्ची पक्की राहें

कभी चमकती जगमगाती बिजली ,

कही दीप,

कहीं जुगनुओं की रोशनी में

ज़िंदगी बड़ी आगे निकल आई .

पीछे पलट कर देखने पर

ढेरों स्मृतियाँ घेर कर बैठ जाती है .

काश वापस भी जाने की भी राहें होतीं..

 

..

बदलाव

उम्र ने बहुत कुछ बदला –

जीवन, अरमान, राहें…….

समय – वक़्त ने भी कसर नहीं छोड़ी –

मौसम बदले, लोग बदले………

मन में यह ख़्याल आता है –

इतना ख़्याल ना करें, इतना याद ना करें किसी को …..

पर आँखे बंद करते –

मन बदल जाता है, ईमान बदल जाते हैं .

 

 

 

 

ठोकर

जीवन में किसी ने जब कभी 

धोखा दिया,

 समझदार बना दिया,

धक्का  दिया ,

तैराक बना दिया।

समयजमाने की ठोकरें     

जीवन  तराश देती है 

 किसी मूर्तिकार की तरह ।