दीवाली अौर दीये !

हमने खुद जल कर उजाला किया.

अमावास्या की अँधेरी रातों में,

 बयार से लङ-झगङ कर…

तुम्हारी ख़ुशियों के लिए सोने सी सुनहरी रोशनी से जगमगाते रहे.

और आज उसी माटी में पड़े हैं…..

उसमें शामिल होने के लिए

जहाँ से जन्म लिया था.

यह थी हमारी एक रात की ज़िंदगी.

क्या तुम अपने को जला कर ख़ुशियाँ बिखेर सकते हो?

कुछ पलों में हीं जिंदगी जी सकते हो?

  सीखना है तो यह सीखो। 

 

 

Image courtesy- Aneesh

चोट के निशान

मन अौर दिल पर लगे,

हर चोट के निशान ने मुस्कुरा कर

ऊपरवाले को शुक्रिया कहा…..

जीवन के हर सबक, पीड़ा  अौर आघात के लिये

ये तमगे हैं, जिन्हों ने जीना सीखाया।

ज़िन्दगी के रंग -38

ज़िन्दगी बहते झरने जैसा ले चली अपने संग

हमने कहा हमें अपनी राह ना चलाओ.

हम तुम्हें अपने राह ले चलते है…..

हमें जीना है अपनी ज़िंदगी – अपनी राहों पर

ना कि किसी अौर के बनाये राह पर ….

चोट के निशान Scars

मन अौर दिल पर लगे,

हर चोट के निशान ने मुस्कुरा कर

ऊपरवाले को शुक्रिया कहा…..

जीवन के सभी सबक, पीड़ा  अौर आघात 

वे तमगे अौर पदक हैं,

जिन्हों ने जीना सिखाया।