जिंदगी के रंग- 193

हम कभी क़ैद होते है ख्वाबों, ख्वाहिशों , ख्यालों, अरमानों में।

कभी होते हैं अपने मन अौर यादों के क़ैद में।

हमारी रूह शरीर में क़ैद होती है।

क्या हम आजाद हैं?

या पूरी जिंदगी ही क़ैद की कहानी है?

 

 

ख्वाब अौर यादें

हर शाम  अौ रात ख्वाबों अौर यादों के
समंदर में गुजरती है
लेकिन
पानी में हाथ ङालते  चाँद,
हिल कर खो जाता है…..