खामोशियाँ

चुप्पी की आग में अपने जलना

और दूसरों को जलाना

है बचपना और बेगाना-पन।

खामोशियाँ मार देती है रिश्तों को।

बंद कर देती है दरवाज़े कई रिश्तों के।

ख़ामोशियों के शोर रह जातें हैं गूँजतें।

चुप्पियों से बेहतर है, समझदारी से,

ज़बाँ से सुलझाना शिकवे-शिकायतें।

बातें कर मसला सुलझा लेना।

Psychological Fact –

The silent treatment is emotional

manipulation and psychological

abuse. It is the act of ceasing to

initiate or respond to communication

with someone else or refusing to

acknowledge them altogether.

It can destroy relationships.

नियामत

खामोशियाँ सुकून बन जाए।

तनहाइयाँ भाने लगे।

परवाह न रहे लोगों की,

उनकी बातों की।

मायने ईश्वर साथ है,

सम्भालता दुनिया की ठोकरों से,

राहें दिखाता-सिखाता।

तब एकांत बन जाता है नियामत,

देता है कई प्रश्नों के जवाब

और सिखाता है सलीके से

ख़ुशगवार ज़िंदगी जीना।

मौसम

हमारे अंदर भी  क्या बदलते मौसम हैं ?

क्या कभी  बसंत अौर कभी पतझङ  होते हैं ?

कभी कभी सुनाई देती है  गिरते पत्तों की उदास सरसराहट

या शरद की हिम शीतल खामोशियाँ

अौर कभी बसंत के खिलते फूलों की खुशबू….

ऋतुअों अौर मन का यह  रहस्य

बङा अबूझ है………