महाप्रलय !!

World’s largest iceberg breaks off from Antarctica !

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महाप्रलय… जल मग्न धरा पर

बच गए अकेले मानव मनु।

है जानते यह कथा सब ।

गलते-टूटते विशालकाय हिम खंड

क्या वही इतिहास दोहराएँगे?

 आज ये आइसबर्ग खबरें हैं,

क्या कल हम सब खबरें बन जाएँगे?

 

 

 

खबरें

सब कहते हैं –  प्रकृति  निष्ठुर हो गई है।

पर क़ुदरत से बेरुखी किया हम सब नें ।

कभी सोंचा नहीं यह  क्या कहती है?

 क्यों कहती हैं?

कटते पेङ, मरती नदियाँ आवाज़ें देतीं रहीं। 

जहर बना जल, सागर, गगन। 

हवाएँ कहती रहीं

 अनुकूल बनो या नष्ट हो जाअो…….

अब, पता नही खफ़ा है ? 

 दिल्लगी कर रही है?

या अपने  नियम, कानून, सिद्धांतों पर चल रही है यह ?

खबरें पढ़ कर विचार आता है –

आज हम पढ़तें हैं हङप्पा अौर मोहनजोदाङो,

हजारों साल बाद क्या कोई हमें पढ़ेगा?