ऐतबार

यक़ीन और भरोसा टूटने पर,

अपने ऐतबार पर शर्मिंदा ना हों।

कहते हैं,

बार-बार कोई विश्वास तोड़े,

तब उसे जाने दो।

समझ लो,

यह है ईश्वर का संकेत।

क्योंकि

किसी से खिलवाड़ करने वाले से, नियति है खिलवाड़ करती।

यह है ऊपर वाले का नियम।