आस

ग़र किसी ने दिल और आत्मसम्मान है तोड़ा।

तब अपने आप से ना भागो ।

लोगों के सामने कुछ ना साबित करो।

खुद को समझो, खुद को प्यार करो।

अपने आख़री और सबसे करीबी आस हम हैं।

बस याद रखना है – विषैले रिश्तों से दूरी है ज़रूरी।

Human Psychology-

A trauma bond is a toxic connection

between an abuser and the abused

person. To overcome it Love and

Prioritising yourself , Give yourself time

to heal and Reconnect with yourself.

गिनती बन कर रह गए!

श्रम के सैनिक निकल पड़े पैदल, बिना भय के बस एक आस के सहारे – घर पहुँचने के सपने के साथ. ना भोजन, ना पानी, सर पर चिलचिलाती धूप और रात में खुला आसमान और नभ से निहारता चाँद. पर उन अनाम मज़दूरों का क्या जो किसी दुर्घटना के शिकार हो गए. ट्रेन की पटरी पर, रास्ते की गाड़ियों के नीचे? या थकान ने जिनकी साँसें छीन लीं. जो कभी घर नहीं पहुँचें. बस समाचारों में गिनती बन कर रह गए.

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जिंदगी के रंग – 29

प्रश्न करते -करते जिंदगी से,

थक कर जब उत्तर की आस छोङ दी…..

तब  वह जवाब अपने आप देने लगी।

दूसरों को देखना छोङ, खुद को देखो…..

मुक्त कर दो अपने आप को –

गलती, प्यार, गुस्सा विश्वासघात, हार-जीत से………….