नारी या ज़िद्दी पेड़

औरत क्या सिर्फ़ एक ज़िद्दी पेड़ की तरह है?

कही से उखाड़ कर कही और लगा दो।

उसे पनपना ही होगा।

चाहे उसमें इसकी शक्ति हो ना हो।

उसे पसंद हो ना हो।

पत्नी ना रहे तो कहते हैं आदमी कब तक रहे अकेला?

पति ना रहे तो कहते हैं –

पत्नी को वैधव्य धर्म निभाना चाहिए।

इतना फ़र्क़ क्यों?

Every woman should have the same

rights as men, because a woman is

the mother who gives birth to a man.

We should always respect them.

~~ RAJA RAM MOHAN ROY

(20th August 1828, the first session of Raja Ram Mohan Roy’s Brahmo Samaj was held in Kolkata.)

10 thoughts on “नारी या ज़िद्दी पेड़

    1. ठीक कहा आपने। कुछ लोग इस बात को समझते हैं। पर काफ़ी बदलाव की ज़रूरत है। शुक्रिया।

      Like

  1. Excellent👏👏👏👏. Bilkul sahi kaha. Mere sasuraal me to auraton ko naukraniyon se badtar treat kiya jaata hai. Orthodoxy ke naam par auraton ke khushiyon ka gala ghota jaa raha hai. Itni khubsurti se aapne ek aurat ki peeda ko kavita ke rup me prastut kiya hai. Love it, Rekha ji.

    Liked by 2 people

  2. चंद पंक्तियों में नारी के जीवन की
    तकलीफ बहुत सही कहा है👌
    अधिकांशत मैनें जाना ओर देखा
    नारी ही नारी की सबसे बड़ी शत्रु व
    उसे दुख देने का कारक है😔

    Liked by 1 person

    1. धन्यवाद अनिता।
      लड़कियाँ शादी के पहले और बाद दो अलग जीवन जीती हैं। एक जगह से जड़ों से उखाड़ कर फिर कहीं और लगाए पौधे सा। नाम, टाईटिल बदल जातें हैं। पर इसे Taken For Granted / सही मान लिया जाता है।
      काश इन बातों पर गौर किया जाए।

      Like

      1. रेखा दीदी आप सही कह रही है।
        एक बदलाव की आवश्यकता है ताकि हमारी परिवारिक संस्था स्वस्थ,सुरक्षित ओर सुंदर बनी रहे।

        Liked by 1 person

      2. धन्यवाद अनिता।
        मुझे कई बार पुरुषों से पूछने का मन करता है कि अगर लड़कियों की तरह, शादी के बाद नाम, टाईटिल , घर, परिवार, life style …… बदलना पड़े। तो वे कैसा महसूस करेंगे?

        Liked by 1 person

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s