रक़्क़ासा

रक़्क़ासा, नगर वधू, नृत्यांगना कुछ भी बुला लो।

नारी का यह बाज़ार सजता है क्योंकि ख़रीदार है।

वरना नारी तो ईश्वर की सर्वोत्तम, पावन रचना है।

इतिहास गवाह है, वैशाली की राजनृत्यांगना

आम्रपाली, जिसके सौंदर्य पर मुग्ध थी दुनिया सारी,

भिक्षुणी बन त्याग दिया वैभव और दौलत।

रक़्क़ासा आम्रपाली की श्रद्धा, भक्ति, विरक्ति देख,

बुद्ध ने तोड़ दिया परम्परा धम्मसंघ में भिक्षुणियाँ

को नहीं शामिल करने की।

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7 thoughts on “रक़्क़ासा

  1. नारी की खूबसूरती ही उसकी दुश्मन है. सीता का रावण द्वारा हरण, द्रोपदी का चीर हरण और आम्रपाली का राज नर्तकी बनना इसके कुछ उदाहरण हैं. पुरुष की लालसा उनके लिए अभिशाप बन जाती है. स्त्री का मां दुर्गा बन कर ऐसे महिषासुर का दमन ही इसका एकमात्र समाधान है. जय मां दुर्गे.

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    1. बेहद ख़ूबसूरत शब्दों में आपने बड़ी महत्वपूर्ण बातें लिखीं है। बहुत आभार।
      आप तो जानते ही होंगे, आम्रपाली भी बिहार से थी।

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