मिथ्यारहित सत्य

मिथ्यारहित सत्य

चाँद को चाँद कह दिया,

ख़फ़ा हो गई दुनिया ।

जब सच का आईना

सामने आया।

सौ-सौ झूठों का

क़ाफ़िला सजा दिया।

ना खुद से ना खुदा से

बोलना सच।

और कहते हैं जीवन का

अंतिम पड़ाव है सच ….

….. मिथ्यारहित सत्य।

8 thoughts on “मिथ्यारहित सत्य

    1. It’s meaning is – 100% truth!! No hidden lie .

      I am sure you must have heard the story of Mahabharat –

      अश्वत्थामा हाथी महाभारत में मालव नरेश इन्द्रवर्मा का था। गुरु द्रोणाचार्य पाण्डवों की विजय में सबसे बड़ी बाधा के रूप में उपस्थित थे। उनके जीवित रहते हुए पाण्डवों की विजय असम्भव थी। श्रीकृष्ण के कहने पर

      महाभारत युद्ध में अश्वत्थामा नामक हाथी को भीम ने मार दिया और यह शोर करना प्रारम्भ कर दिया कि द्रोणाचार्य का पुत्र अश्वत्थामा मारा गया। चूँकि द्रोणाचार्य के पुत्र का नाम भी अश्वत्थामा था और यह भी निश्चित था कि अपने पुत्र से प्रेम करने के कारण द्रोणाचार्य अश्वत्थामा की मृत्यु का सामाचार सुनकर स्वयं भी प्राण त्याग देगें, इसलिए कृष्ण की योजनानुसार यह पूर्व नियोजित ही था। भीम द्वारा दिया गया यह सामाचार सत्य है या नहीं, इसकी जानकारी करने के लिए द्रोणाचार्य ने कभी झूठ न बोलने वाले सत्यवादी पाण्डव, युधिष्ठिर से पूछा- “युधिष्ठिर! क्या यह सत्य है कि मेरा पुत्र अश्वत्थामा मारा गया?”

      युधिष्ठिर के मुख से भी पुत्र की मृत्यु का समाचार सुनकर द्रोणाचार्य ने अपने अस्त्र-शस्त्र त्याग दिये और इसी समय धृष्टद्युम्न ने उनका वध कर दिया।

      दरसल, युधिष्ठिर ने अश्वत्थामा ऊँची आवाज़ में और हाथी फुसफुसा कर कहा। ( technically he was right but it wasn’t completely true/ मिथ्यारहित नहीं था थोड़ा झूठ शामिल था।) युधिष्ठिर के मुख से भी पुत्र की मृत्यु का समाचार सुनकर द्रोणाचार्य ने अपने अस्त्र-शस्त्र त्याग दिया।

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