आज के दधीचि

Thousands of bodies were left to decay in unsanitary conditions at The Centre for Body Donations at Paris-Descartes University, reports say.

Rate this:

इन्सान की क़ीमत इतनी कम क्यों है?

युगों-युगों  से चले आ रहे रस्मों-रिवाजों को बदल कर,

अपने शरीर का दान करना सरल नहीं होगा.

जन कल्याण के लिए बॉडी डोनेशन करने वाले

इन दधीचियों का ऐसा हश्र ?

इन्सान की क़ीमत इतनी कम क्यों है?

जीवन में और जीवन के बाद भी?

किवदंति – दधीचि ने अपने शरीर / अस्थियों का दान,  इन्द्र के अनुरोध पर,  लोक कल्याण के लिये किया था। क्योंकि ब्रह्म तेज़, महर्षि दधीचि के हड्डियों से बने वज्र से राक्षस  वृत्रासुर का संहार संभव था।

8 thoughts on “आज के दधीचि

  1. अफसोसनाक, दधीचि से जोड़ कर आपने अपनी कल्पना और वास्तविक जीवन का बढ़िया खाका खींचा है । बेहतरीन, वास्तव में ये दधीचि ही तो हैं ।

    Liked by 1 person

    1. आभार नितिन !! हाँ, शरीर दान करने वालों ने परम्परा को बदलने की कोशिश की. उन्हें सम्मान मिलना चाहिए. मैंने दधीचि की कहानी कभी बचपन में पढ़ी थी . इस समाचार को पढ़ कर वह याद आ गई.

      Liked by 1 person

  2. These are difficult times. Unbelievable things are happening everywhere! Thank you for posting this. ❤ Sometimes if seems like our country is disentegrating. There is some comfort in knowing we are not alone. Hopefully, sanity will return and people everywhere will work together for the common good. All the best, Rekha! 🙂 Cheryl

    Like

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s