दिल और आत्मा का दर्द

 

दिलों- दिमाग़ को दर्द जमा करने का कचरादान ना बनाओ.

खुल कर जीने के लिए दर्द को बहने देना ज़रूरी है –

बातों में, लेखन में …..

खुल कर हँसने के लिए खुल कर रोना भी ज़रूरी है,

ताकि दिल और आत्मा का दर्द आँसुओं में बह जाए.

13 thoughts on “दिल और आत्मा का दर्द

  1. आपकी बातों से सौ प्रतिशत इत्तेफ़ाक़ रखता हूँ | लिखा भी बहुत बेहतरीन है:   “दर्द जमा करने का कचरादान ना बनाओ”  |  आंसू बहने से दिल हल्का होता है , पीड़ा कम तकलीफ देती है ! ‘घाँव भरने में मदद मिलती है | 
    पर मेरा यह भी मानना है की आँसू केवल अपनो के वियोग में ही ना बहें , उनके संग बीते हर मीठे अनुभव भी  आँखों में आँसू ले आयें पर लबों पर मुस्कान के साथ !  आपके पोस्ट के पश्चात, अनायास ही कुछ लाइनें लिखीं हैं यही बात कहने के उद्देश्य से |  अपने ब्लॉग पर भी पोस्ट कर रहा हूँ |  https://rkkblog1951.wordpress.com/2019/11/06/tearysmile/

    मुस्कराहट में आँसू
    अपनों के जाने की पीड़ा बढ़ती  है मानों हर प्रहर  
    उनकी यादें ले आती हैं गिरती उठती दर्द की लहर
    उनकी स्मृति से आँसू आ जायें  तो क्या बात होती    
    आँसुओं में व्यथा यह बह पाये तो क्या बात होती
    पर दिल का क्या करूँ तैयार नहीं आँखों में आँसू लाने
    अपनों की कमी अखरा कर कर नयन मेरे ढलकाने
    दिल ने जिन्दा रख रखी हैं उनकी खुशनुमा यादें बातें
    और जब तब
    ले आता है भरे नयनों में, लबों पे हल्की मुस्कुराहटें |
    -रविन्द्र कुमार करनानी

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    1. आभार ! मेरी कविता को इतना मोल देने के लिए. आपकी बातें हमेशा मेरा हौसला बढ़ाती हैं और हिम्मत देतीं हैं.
      आपने सही कहा वियोग के साथ मीठी यादें भी जुड़ीं हैं. और एक सच यह भी है कि ये आँसू वैसे भी धोखा देते हैं. ख़ुशी और ग़म दोनों में आँखों में आ हीं जातें हैं.
      मुझे लगा था कि अब मेरे लिए लिखना कठिन है. पर आप जैसे मेरे लेखक सहयोगियों के हौसले मैंने लिखना शुरू किया और आज यह मेरी पीड़ा को कम करने का बहुत बड़ा ज़रिया बन गया है.

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  2. It so happened recently. I lost a loved one and instead of tears flowing I was smiling about the good times we spent together and remembering the ever smiling face of the departed soul. Reading your post today triggered the above response. I, in no way, wish to take anyone’s grief lightly. Trust you understand.

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    1. Condolences for your loved one.
      It’s really great that you handled it in a positive way. I am sure you are a strong and spiritual person.
      Actually, this was a sudden accident, which shook me. Secondly I was out of station and tried hard to come back but couldn’t make it on time. I came to know that he wanted to say something to me/ talk to me.
      All these hurts a lot.
      Thanks for your concern Ravindra ji.

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