अपने आप से मिल कर कैसा लगा ?

The self-concept is what we think about the self (ourself); self-esteem, is the positive or negative evaluations of the self, as in how we feel about it.
Abraham Maslow states that psychological health is not possible unless the essential core of the person is fundamentally accepted, loved and respected by others and by her or his self. Self-esteem allows people to face life with more confidence, benevolence and optimism, and thus easily reach their goals and self-actualize.

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हम अपने बारे में क्या सोचते हैं और कैसा सोचते हैं सेल्फ कंसेप्ट कहते हैं। यह सकारात्मक या नकारात्मक हो सकता है। अब्राहम मस्लो के अनुसार हमारा मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहने के लिए, यह जरूरी है कि हम अपने को स्वीकार करें अौर प्यार करें। इससे हम आत्मसम्मानी, आत्मविश्वासी   आशावादी  बनते हैं। सेल्फ कंसेप्ट का मजबूत होना और सकारात्मक होना अच्छी बात हैं.

कभी अपने भीतर झाँकने की कोशिश की है?

आईने में झाँको , अपने आप को ग़ौर से देखो

अपनी आँखों में , निगाहों में झाँको.

अपने अंदर झाँको, मिलो अपने आप से.

बातें करो अपने आप से .

और बताओ अगर

बिलकुल अपने जैसा कोई मिला

तब कैसा लगेगा आपको ?

मिलना चाहेंगे या नहीं उससे ?

सबसे पहले क्या कहना चाहेंगे ?

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by Rekha Sahay
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10 thoughts on “अपने आप से मिल कर कैसा लगा ?

  1. औरों को देखने मे मसगुल कभी खुद को देखने का फुर्सत ही नही। आज समय मिला तो अपनो से जुड़ने में लग गया।

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    1. आज की व्यस्त दुनिया में ऐसा ही होता है. लेकिन अच्छा हो अगर हम अपने लिए भी वक़्त निकालें और अपने साथ कुछ पल बिताए .

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